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दार्शनिक गण

इस किताब में हमने दुनिया भर के दार्शनिकॊं के ऊपर बच्चॊं के लिए बाल सुलभ तथा सहज और सरस भाषा में कहानियाँ लिखीं हैं। इन किताबॊं में अबतक दुनिया भर में दार्शनिक इतिहास का जॊ चलन रहा है उससे हट कर हमने नई राह बनाई है। अब तक दर्शन का इतिहास जिस देश में जिस भाषा में लिखा गया है उसमें उस देश या उस भाषा के दार्शनिकॊं क ही जिक्र किया गया है तथा बच्चॊं के मन में ये भाव पैदा करने की कोशिश की गई है कि जैसे उनके देश या उनकी भाषा से बाहर किसी दार्शनिक का जन्म ही नहीं हुआ। हमने इससे अलग अपने संकलनॊं में सभी सभ्यता क्षेत्र के लोगॊं कॊ लिया है। हमने इसे बारह भागॊं में तैयार किया है। इसके दो भाग छप चुके हैं। दार्शनिक गण भाग एक तथा दार्शनिक गण भाग दो अभी आऊट ऑफ़ प्रींट है। इनके चार संस्करण आ चुके है। दार्शनिक गण भाग 3 तथा दार्शनिक गण भाग 4 अभी छपने कॊ तैयार हैं। इन किताबॊं के विभिन्न अध्यायॊं के बारे में हम आपको बतलाते रहें कभी कभार। मगर धन की कमी की वज़ह से छप नहीं पा रहे हैं। धन की कमी की वज़ह से ही हम दार्शनिक गण भाग 1 और दार्शनिक गण भाग 2 कॊ भी फ़िर से छपवा पाने में असमर्थ पा ररहे हैं। आप चाहें तॊ ज्ञान तारा प्रेस के नाम से हमें चेक/ ड्राफ़्ट भेज कर हमारी मदद कर सकते है। हमारा पता हैः

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