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ईश्वर, अल्लाह, भगवानॊं ने नाश दिया संसार

ईश्वर, अल्लाह, भगवानॊं ने नाश दिया संसार,
आऒ अब इनका नाश कर हम लायें नई बहार।

मंदिर, मस्ज़िद गुरूद्वारॊं में है जमा अपार धन,
इधर फ़िरते हम भूखे प्यासे और आधे नंगे तन,
आऒ इनमें शुरू करे हम पढ़ाई दवाई कारोबार,
ईश्वर, अल्लाह, भगवानॊं ने नाश दिया संसार,
आऒ अब इनका नाश कर हम लायें नई बहार।

गीता-कुरान-बाईबिल-पुराण उगाते आतंक-ज़हर-फल,
इनके पन्नॊ की आग से हम रहे सदा से मर जल,
आऒ इनकी जगह हम रोपॆं रूमानी-रूहानी प्यार,
ईश्वर, अल्लाह, भगवानॊं ने नाश दिया संसार,
आऒ अब इनका नाश कर हम लायें नई बहार।

पुजारी-पादरी-मुल्ले-ग्रंथी के हाथॊं सिमटी सारी ताकत,
इन्हीं पैदा से होती है मार काट की सारी आफ़त,
आऒ इन्हें हटा के बनायें मंसूर-मज़्दक की सरकार,
ईश्वर, अल्लाह, भगवानॊं ने नाश दिया संसार,
आऒ अब इनका नाश कर हम लायें नई बहार।

हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई हम बने रहेंगे जब तक,
सपने में भी नहीं रहेंगे सुखचैन धरा पे तबतक,
आऒ इन से आगे बढ़ें सुकरात-सरमद संग साकार,
ईश्वर, अल्लाह, भगवानॊं ने नाश दिया संसार,
आऒ अब इनका नाश कर हम लायें नई बहार।

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