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वामपंथी ब्राह्मणवादी मित्रों के नाम

सारी दुनिया का अमर्ष अहंकार मुबारक हॊ तुझे,
हमें तो भाई, अपना नन्हापन बहुत ही प्यारा है।

तेरा ब्रह्म ओ वेदांत तुझे और कुछ बता नहीं सकता,
सब को मिटा खुदा बनने सिवा कुछ सिखा नहीं सकता,
दो नैनॊं में अग जग को तिरस्कार मुबारक हो तुझे,
हमें तो साईं, अपना बंदापन बहुत ही प्यारा है।

तेरा चित्त सर्वग्रासी है सो परमात्मा हो तुम,
तेरा धर्म सत्यानाशी है सो धर्मात्मा हो तुम,
सदा बढ़ने वाला कैंसरी हाहाकार मुबारक हो तुझे,
हमें तो भाई, अपना आवारापन बहुत ही प्यारा है।

तेरे सब अनाचार तुरंत सदाचार बन जाते हैं,
तेरे सारे अज्ञान एकदम सुविचार बन जाते हैं
तेरे मन में बैठा ब्रह्म बदकार मुबारक हो तुझे,
हमें तो साईं अपना दिवानापन बहुत ही प्यारा है।

दिल तो असल तेरे पास कभी भी रहा ही नहीं,
और आत्मा में मेरा यकीन कभी हुआ ही नहीं,
सो दिमाग़ में बैठी धृणा साकार मुबारक हो तुझे,
हमें तो भाई अपना अनार्यपन बहुत ही प्यारा है।

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