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तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा

तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा,
हर जगह अपने चमन को तेरे हाथॊं बर्बाद देखा।

तुमने जॊ कुछ भी कहा, तुमने जो कुछ भी किया,
उसका लाभ तेरे पुर्वजॊं और तेरे अग्रजॊं ने लिया,
गण के नाम पर हमने तेरे सुजन कॊ आबाद देखा।
तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा,
हर जगह अपने चमन को तेरे हाथॊं बर्बाद देखा।

तुमने जो कुछ भी लिखा, तुमने जो कुछ भी पढ़ा,
उसमें सदा अपने ही सुख चैन का तिलस्म गढ़ा,
तुझे कभी लंदन, कभी लाल किले में आज़ाद देखा,
तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा,
हर जगह अपने चमन को तेरे हाथॊं बर्बाद देखा।

तेरा खान पान, आन जान हो कि तेरा रहन सहन,
सबमें तुम रहे सदा फ़िरंगियॊं के ही तॊ हम वतन,
अनुरागी आखॊं से भी हमने तुझे सदा सैय्याद देखा,
तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा,
हर जगह अपने चमन को तेरे हाथॊं बर्बाद देखा।

फ़िर भी जॊ तुमने किया उससे हमें शिकायत नहीं,
हमने जॊ भी पाया तेरी ही जूठन ओ रियायत रही,
पढ़ना तॊ दूर, हमने पूरखॊं कॊ बस बीज-खाद देखा।
तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा,
हर जगह अपने चमन को तेरे हाथॊं बर्बाद देखा।

अब हमने तेरे सारे ढॊंग, पाखंड कॊ पहचान लिया,
तेरे राज के तिलस्मी रहस्य कॊ भी जान लिया,
अंग्रेज़ी,फ़ारसी से संस्कृत तक में तेरा निनाद देखा,
तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा,
हर जगह अपने चमन को तेरे हाथॊं बर्बाद देखा।

अब हमने अपने हाथॊं ज्ञान विज्ञान की डॊर ली है
और देसी भाषाऒं कॊ सारी थाति देने की सोची है, अपना आह्लाद देखॊ, अबतक हमारा अवसाद देखा।
तुम्हारा साम्यवाद देखा, तुम्हारा समाजवाद देखा,
हर जगह अपने चमन को तेरे हाथॊं बर्बाद देखा।

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