मुख्य पन्ना / कविताएँ / तुझे कैसे चैन आये है भगवान

तुझे कैसे चैन आये है भगवान

तुझे कैसे चैन आये है भगवान,
जॊ तेरे जन गण यूँ पशेमाँ हलकान।

ये भूखे नंगे मारे फ़िरते सारे,
जो तुझे हैं खुद से भी प्यारे,
फ़िर तू कैसे हो गया अंतर्ध्यान।

ठिठुरती अंधियारी रातॊं में,
मर जाते बातॊं ही बातॊं में,
क्या तू इससे भी है अनजान।

तेरे मंदिरॊं में धन-साधन अपार,
वे सकते सब का जीवन संवार,
तू कैसे है निर्बल कॊ बलवान।

तू दीनानाथ, तू दीन दयाल,
फ़िर तेरे दीनॊं हीनॊं का ये हाल,
क्या तुझे नहीं ज़रा भी भान।

सब पंडित तेरे, सब ज्ञानी तेरे,
पर जन गण को घेरे हैं अंधेरे,
ये कैसा है तेरा धर्म ज्ञान।

इसे भी पढ़ें

या तॊ दुनिया के सारे के सारे इंतज़ाम पाप हैं

या तॊ दुनिया के सारे के सारे इंतज़ाम पाप हैं, या फ़िर ईश्वर अल्लाह के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *