मुख्य पन्ना / कविताएँ / औरतें अल्लाहॊं, परमात्माऒं तथा खुदाऒं के समान होतीं है,

औरतें अल्लाहॊं, परमात्माऒं तथा खुदाऒं के समान होतीं है,

औरतें अल्लाहॊं, परमात्माऒं तथा खुदाऒं के समान होतीं है,

सारे जड़ चेतन, चर अचर की मालकिन ओ भगवान हॊती है।

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उन्हीं की तरह ये जब जॊ चाहें कह सकती हैं, कर सकती है,

किसी के भी हाथ राख तॊ किसी के हाथ लाख धर सकती है,

औरतें धरती, प्रकृति की बहन, कुदरत का संविधान होती है।

औरतें अल्लाहॊं, परमात्माऒं तथा खुदाऒं के समान होतीं है,

सारे जड़ चेतन, चर अचर की मालकिन ओ भगवान हॊती है।

 

धन, धर्म और सता के सारे अनाचारॊं कॊ झेल कर भी बनी हैं,

तॊ अपनी ही ताकत से बनी है,आज पहली दफ़े यूँ तनी है,

इतनी सी बात से सब धर्मॊं की सत्ता आज हलकान हॊती है।

औरतें अल्लाहॊं, परमात्माऒं तथा खुदाऒं के समान होतीं है,

सारे जड़ चेतन, चर अचर की मालकिन ओ भगवान हॊती है।

 

अब वे एक बार फ़िर से महादेवी, जगदम्बा बनेंगी,

ग्राम-नगर देवी, सरस्वती, अन्नपूर्णा, अम्बा बनेंगी,

देखना उनके राज में कैसे ज़िंदगी फ़िर ग़ुलजान हॊती है।

औरतें अल्लाहॊं, परमात्माऒं तथा खुदाऒं के समान होतीं है,

सारे जड़ चेतन, चर अचर की मालकिन ओ भगवान हॊती है।

 

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