मासिक आर्काइव: August 2015

कैसे करूँ ऐ सरस्वती मैं अर्चन तेरा

कैसे करूँ ऐ सरस्वती मैं अर्चन तेरा मेरे हर तरफ़ घिर रहा अज्ञान अंधेरा। जिन पर है तेरी कृपा वे सब बेईमान है धन धर्म से अंधे, विद्या से अनजान हैं, जन के मन कॊ इनने विद्या दूर फ़ेरा, कैसे करूँ ऐ सरस्वती मैं अर्चन तेरा मेरे हर तरफ़ घिर रहा अज्ञान अंधेरा। पावनता के नाम तुझे सबसे दूर रखते, अपने घर में कैद दूनिया का नूर रखते, ऐसे में मैं क्या करूँ, क्या करे मन मेरा, कैसे करूँ ऐ सरस्वती मैं अर्चन तेरा मेरे हर तरफ़ घिर रहा अज्ञान अंधेरा। अब पूजन बंद कर ज्ञान का प्रचार करूँगा, विज्ञान कॊ फैलाऊँगा, विद्या प्रसार करूँगा, तू सरस्वती से अरूंधति बनेगी,हॊगा सवेरा, कैसे करूँ ऐ सरस्वती मैं अर्चन तेरा मेरे हर तरफ़ घिर रहा अज्ञान अंधेरा।

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